Youth Icon Award Winners: Siddharth Chaturvedi को मिला यूथ आइकॉन अवॉर्ड

Youth Icon Award Winners: सिद्धार्थ चतुर्वेदी Siddharth Chaturvedi आज बॉलीवुड के बेहतरीन युवा एक्टर्स में से एक हैं जिन्हें गली ब्वॉय (gully boy) और गहराइयां जैसी फिल्मों में अपने जबरदस्त प्रदर्शन के लिए लोगों का खूब प्यार मिला हैं। छोटे शहर से आए सिद्धार्थ ने न सिर्फ बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई है बल्कि उन युवा अभिनेताओं की लिस्ट में भी शामिल है जो अपने दम पर सब कुछ हासिल करना बखूबी जानते हैं। सिद्धार्थ के काम को काफी सरहाना भी मिल रही हैं। 


Youth Icon Award Winners
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हाल में एक अवॉर्ड इवेंट में सिद्धार्थ चतुर्वेती को यूथ ऑइकन के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ये अवॉर्ड उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिया गया था। ऐसे में अवॉर्ड हासिल करने की उनकी खुशी दोगुनी हो गई। इसे हासिल करने के बाद अपनी चमकती मुस्कान के साथ *उन्होंने स्टेज पर अपनी इस खुशी को बयां करते हुए कहां*, "मैं इस मंच पर खड़ा हूं ये मेरा सौभाग्या है। पहली बार मुझे ये अवॉर्ड मिल रहा है। सर ये जो अवॉर्ड है न इसके लिए मैं आपको बता रहा हूं जब मैं एक छोटे से शहर बलिया से आता हूं जो उत्तर प्रदेश में हैं। 


वहां पर मेरे बाबा(दादा) हर रोज नवभारत टाइम पढ़ा करते थे और मुझसे कहते थे कि बबुआ एक दिन तू यही पर छपोगे और आज यहां पर मैं इस अवॉर्ड को लेकर खड़ा हूं, मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। आपसे एक दिल की बात सच्ची कहूं तो जब मैं वहां से यहां तक आ रहा था तो मुझे लगा कि कही न कही एक सेल्फ डाउट होता है जोकि हर एक युवा के दिल में होता है कि क्या मैं इसका हकदार हूं? और मैं बार बार सोच रहा था कि इसते कमाल के लोग, इतने दिग्गज लोग है यहां पर, उनके बीच में क्या मैं ये डिजर्व करता हूं?


 क्योंकि आजकल सोशल मीडिया पर सब हर महंगी चीजों का दिखावा करते है तो कही न कही जो छोटे शरह से आया है, युवा है कोशिश करना चाहता है, फाइनली घबरा जाता है मेरी तरह और कहीं न कहीं डर जाता है, लेकिन उनसे ये कहना चाहूंगा कि जो लाइक, शेयर सब्सक्राइब करते रहते है, अपने आप को लाइक करों, अपनी कहानी शेयर करों यार कभी, अपने सपनो को सब्सक्राइब करों,  क्योंकि अगर दिल में हासिल है ना तो वो आपको हासिल हो ही जाएगा। जब मैं ये अवॉर्ड लेकर आज घर जाउंगा तो मेरी मां की आंखों में जो चमक होगी उसको देखकर मुझे लगेगा कि मैं इसका हकदार था। जब मैं अपने दोस्तों को बताउंगा कि मैं यूथ ऑइकन हूं और वो मेरी खिचाई करेंगे तो मुझे लगेगा कि मैं ये डिजर्व करता हूं, मेरे बाबा इस वक्त नहीं रहें, जब वो ऊपर से देखेंगे इस चमक के साथ मुझे तो मुझे लगेगा कि मैं इसके काबिल हूं।"


*सिद्धार्थ ने अपनी विनिंग स्पीच खत्म करते हुए कहा*, 'जाते हुए मैं कुछ पंक्तियां कहना चाहुंगा जो मेने लिखी है, देखी मैंने जिंदगी है कुछ मेरी और कुछ तेरी है, कुछ हवा में यूं उड़ी है, कुछ जमीं पर यहीं है, धूल सी लगी है उसमें, आसुओं से फिर धुली है, फिर उठी है, फिर उड़ना है लेकिन कमी है जेब में और न वजन सर नेम में पर हम वहीं है जो कल्पना से कल अपना संवार ले, मिटियों के पुलतो से रंग मंच को निखार लें।'


सिद्धार्थ चतुर्वेदी अपने करियर में काफी अच्छा कर रहें है। हाल ही में एक्टर हॉरर कॉमेडी फोनभूत में स्क्रीन्स पर दिखाई दिए थे। इसके अलावा उनके पास खो गए हम कहां है जिसमें वो अनन्या पांडे के साथ नजर आएंगे।