1984 के सिख विरोधी दंगों पर डाक्यूमेंट्री जल्द होगी रिलीज


1984 के सिक्ख नरसंहार और उसके बाद इन दंगों से आहत हुए परिवारों की दुर्दशा को दर्शाती डाक्यूमेंट्री फिल्म के विषय में आम जनता के संज्ञान में लाना और इसका ट्रेलर रिलीज़ करना है।


Documentary on 1984 anti-Sikh riots to be released soon
Documentary on 1984 anti-Sikh riots to be released soon


  नई दिल्ली,nknewsindia:  ग्लोबल मिडास कैपिटल ने प्रेस क्लब ऑफ़ इन्डिया दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया l प्रेस कांफ्रेंस का उद्देश्य मिडास प्रोडक्शन हाउस द्वारा 1984 के सिक्ख नरसंहार  1984 anti-Sikh riots  और उसके बाद इन दंगों से आहत हुए परिवारों की दुर्दशा को दर्शाती डाक्यूमेंट्री फिल्म के विषय में आम जनता के संज्ञान में लाना और इसका ट्रेलर रिलीज़ करना हैl  


Documentary on 1984 anti-Sikh riots to be released soon
Documentary on 1984 anti-Sikh riots to be released soon


प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य रूप से सरदार इंदर प्रीत सिंह फाउंडर ग्लोबल मिडास कैपिटल  ने मीडिया को संबोधित किया और मिडिया के सवालों के जवाब भी दिएl इस बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनके प्रोडक्शन हाउस ने 1984 में सिक्खों के नरसिंहार के विषय में एक डाक्यूमेंट्री बनाई हैl इस डाक्यूमेंट्री को बनाने का कारण है आम जनता के सामने 1984 के दंगों से आहत हुए परिवारों की हालत दिखानाl उन्होंने कहा कि आज से 38 साल पहले हुए इस नरसंहार के शिकार हुए परिवारों के हाल पूछने वाला कोई नहीं हैl


 सरकारी स्तर पर यह बताया जाता है कि जो लोग इन दंगों में मारे गए थे उनके परिवारों का पुनर्स्थापन किया जा चुका हैl परन्तु वास्तविकता यह है कि जिन परिवारों के अपने अपने उस नरसंहार में मारे गए वो परिवार आज भी बहुत बुरी स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैंl इंदर ने बताया कि जब उनकी टीम ने नरसंहार के पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके विषय में जाना तो पता चला कि ना उनके पास आजीविका का कोई प्रयाप्त साधन है और ना ही उनके बच्चों को स्कूल जाना नसीब हो पा रहा हैl


 सरकार कोई भी हो, इन दुखी परिवारों का साथ देने वाला कोई नहीं हैl 32 साल का समय केवल यह साबित करने में लग गया कि केवल उत्तर प्रदेश में इन दंगों में 127 लोगों ने अपनी जान गँवाई थीl अगर 32 साल यह साबित करने मैं लगे हैं कि इतने लोगों ने इन दंगों में अपनी जान गँवाई थीl यह सोचने वाली बात है कि इन लोगों को इंसाफ कब मिलेगा और जब इंसाफ मिलेगा तब इसकी गवाही देने वाले जिंदा भी रहेंगे या नहींl

उन्होंने बताया कि 1984 के दंगों पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री “1984 Genocide of Sikhs” में इन दंगों में आहत हुए लोगों के इंटरव्यू शामिल किये गए हैं जो अपने आप में सच्चाई का साक्ष्य हैंl फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ करने के लिए ओटीटी प्लेटफार्म से बातचीत चल रही है|

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