लद्दाख के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट कून पर माइनस 30 डिग्री तापमान में 21 दिन में पहुंची रूचिका ।


:- लद्दाख़ के सबसे ऊँचे पर्वत नून-कून के माउंट कून जिसकी 6500 मीटर लगभग 21325 फ़ीट की चढ़ाईं पूरी की !

:- Sheक्षा-रोहण की यह चड़ाई यात्रा राजस्थान में 22-08-2021 उदयपुर से शुरू होते हुए दिल्ली , श्रीनगर, (जम्मू-कश्मीर) , कारगिल(लद्दाख़) में बालिकाओं की शिक्षा की जागरूकता के लिए कार्य किया । 

:- 12-09-2021 को यह चड़ाई पूरी हुई ओर बालिका शिक्षा को बढ़ाने की अपील की । 


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उदयपुर : 30 का तापमान ओर खड़ी चढ़ाई के साथ ये यात्रा बहुत कठिन रही क्योंकि 21000 ft ऊपर अक्सर आक्सिजन की कमी हो जाती है । खाना भी packed food होता है ओर पानी भी बर्फ़ पिघला कर पीना होता है । राजस्थान से एक मात्र लड़की ओर देश से 12 पर्वतारोही में 6 यह पूरे कर पाए ।

90 डिग्री बर्फ़ की दीवारें जो लगभग 1000 मीटर की थी वह टेक्निकल इक्विप्मेंट की सहायता से चढ़ाई की गयी ।


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रुचिका जैन ने नेहरू पर्वतारोहड़ संस्थान से बेसिक माउंटेंनियरिग का कोर्स भी 2019 में पूरा किया । लद्दाख़ का सबसे कठिन चादर ट्रेक भी -35 में पूरा करने के साथ क़रीब 8 हिमालयन माउंटेन एक्स्पिडिशन कर चूकी है जिसमें केदारकंठा 12500ft, सरपास 13500ft ओर माछा धार 16000 ft जैसे ट्रेक करने के बाद ट्रेनिंग की ओर 21000 ft का एक्स्पिडिशन पूरा कर पायी ।


अगला लक्ष्य बालिकाओं की शिक्षा के लिए 2022 में दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट फ़तह करना है जो कि 8848 मीटर है ।  

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इस मिशन में उदयपुर नगर निगम , चोकलेट रूम एवं रम्या रिज़ॉर्ट उदयपुर का सहयोग रहा । 

माताजी आशा जैन, भाई उमंग जैन , पिताजी नरेंद्र हंडावत , मामा डॉ. जिनेंद्र शास्त्री, मनोहर जैन एवं पूरे परिवार का साथ मिला, मित्रगण प्रिया सचदेव, नेहा जैन एवं शिवांगी बरोला का सहयोग मिला ।

21 दिन की इस एक्स्पिडिशन का ख़र्चा लगभग 90000 हुआ । 

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परिस्थितियाँ इतनी कठिन थी कि एक व्यक्ति क्रेवास में गिर गया ओर उसी दौरान इंडीयन आर्मी के 40 जवान भी अपनी ट्रेनिंग पर माउंट कून आए थे जिसमें दिशांक गुप्ता की टीम के सनम ने हमारे टीम की डेबु दत्ता की जान बचाई