किन्नर समुदाय ऐसे मनाते हैं रक्षाबंधन और इन लोगों को मनाते है अपना भाई

नई दिल्ली, नरेन्द्र : रक्षाबंधन पूरे भारतवर्ष में बडी धूमधाम से मनाया जाता है पर क्या आपने कभी सोचा है की हमारे समाज में ऐसे भी लोग हैं जिनको  जन्म से ही  अपने से अलग कर दिया जाता है और जिनको हमारे समाज में  सम्मान की नजरों से नहीं देखा जाता हैं  जिन्हें हम सभी किन्नर समुदाय के नाम से जानते हैं.


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  ये लोग भी  हमारे और आपकी तरह ही भारतवर्ष का हर त्योहार बडी धूमधाम से मनाते हैं पर मनाने का तरीका थोड़ा सा अलग होता है आपको बता दे कि किन्नर का यदि कोई भाई नहीं होता है  तो वह आपस में ही एक दूसरे को राखी बांधते हैं और मरते दम तक इस रिश्ते को निभाते हैं।

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 वहीं ये लोग राखी से पहले अपने इष्टदेव की पूजा करते हैं और लोगों की तरह इन्हें भी  रक्षाबंधन का इंतजार रहता हैं और कहा जाता है कि रक्षाबंधन के दिन सुबह अपने - अपने तीर्थ स्थान पर जा कर हवन और सावन माह की विदाई के लिए भगवान शिव की पूजा करते हैं ।


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वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के दो दिन बाद भोपाल में भुजारिया पर्व भी मनाया जाता है इस पर्व की तैयारी राखी से लगभग 12 दिन पहले से ही की जाने लगती है। इस दौरान गेहूं के दानों को छोटे-छोटे पात्रों में अंदर मिट्टी में अंकुरित होने के लिए रख दिया जाता है। खुद को आकर्षक दिखाने के लिए किन्नर कपड़े और प्रसाधन पर जमकर पैसे खर्च करती हैं।

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