यदि आपने भी कुंभ के मेले में जाने का मन बना लिया है तो रखे इन बातोंं का ध्यान .




....प्रयागराज  में चल रहा महाकुंभ में यदि आप ने भी जाने का मन बना लिया  है तो जरा संभलकर जाना कयोंकि आपको कदम कदम पर सावधानियां   बरतनी  पडेगी . कहा जाता है कि कुंभ बिछडो़ का मेला है जहां पर लाखों लोग भूलभुलैया हो जाते हैं . यह कंभ का मेला 12 साल में एक बार  लगता है जिसमें देश विदेश से  करोडों भक्त - साधु  गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए आते हैं. इसी के दौरान आपको साधुओं के अजीबो गरीब चहरे देखने को मिलेंगे इंसे आप भहभीत न हो कयोंकि उन साधुयों की भी कुछ इच्छाएं होती हैं जिस करण वह अपने डरवाने चहरे बना कर हठयोग करते हैं ।


1,यदि आप अपने साथ अनावश्यक खाद्य पदार्थ लेकर जा रहे हैं तो उसे नहीं लेकर जाना आवश्यक खाद्य पदार्थ ही ले कर जाना .
2श्रदालू  अपने कपड़े और सामान न लाएं और किसी अजनबी पर विश्वास न करें कयोंकि वह सहपाठी बन आपका सामान भी चुरा सकता है .

3 दनड अप्राधिकृत स्थानों पर भोजन ग्रहण न करें उकसाने वाली बात करके अनावश्यक संघर्ष आमांत्रित न करें और बताई गई सीमाओं से आगे जाकर नदी में जाने का साहस न करें .
4 साबुन, डिटरर्जेंट का उपयोग सफाई/धुलाई के लिए कर या पूजन सामग्री को फेंकते हुए नदियों को प्रदूषित न करें अगर किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हैं तो भीड़ वाले स्थानों पर न रूकें .

5 शहर में और मेला क्षेत्र में प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल न करें खुले में शौच या मूत्र त्याग न करें
हल्के सामान के साथ यात्रा करें.अगर डॉक्टर के द्वारा सलाह दी गई है तो दवायें साथ लाएंअस्पताल, खाद्य और आकस्मिक सेवायें इत्यादि सुविधाओं की जानकारी रखें.

6 आकस्मिक संपर्क नंबर की जानकारी रखें केवल उन्ही स्नान क्षेत्रों/घाटों का उपयोग करें जो मेला द्वारा प्राधिकृत किये गये हैं उपलब्ध शौचालयों और मूत्रालयों का इस्तेमाल करें कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन का इस्तेमाल करें.

7 मार्ग खोजने के लिये पथ प्रदर्शक बोर्ड का इस्तेमाल करें वाहनों को खड़ा करने के लिये पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें .